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सर्दियों में होने वाले पीठ के दर्द ने किया बेहाल तो दिन में कभी भी करें इन योग आसनों का अभ्यास, दूर होगी तकलीफ

कुछ ऐसे ही योगासनों के बारे में जो बदन दर्द और अकड़न जैसी परेशानियों से आराम दिलाते हैं।

Yoga Asanas For Back Pain: ठंड के मौसम में लोगों को सुस्ती और शरीर की अकड़न बढ़ जाती है और उसकी वजह से लोगों को कई बार सोकर उठने के बाद पीठ में दर्द और तकलीफ होती है। वहीं, लोगों की पीठ का दर्द कई बार इतना अधिक बढ़ जाता है कि उनके लिए उठने-बैठने या ठीक तरीके से चलने में दिक्कत होती है। पीठ के दर्द और अकड़न की परेशानी सर्दियों में बहुत अधिक बढ़ जाती है इन तकलीफों से बचने के लिए योगासनों के अभ्यास की सलाह दी जाती है। कुछ योग आसन ना केवल बदन का दर्द कम करते हैं बल्कि, वे सुस्ती भी कम करता है। यहां पढ़ें कुछ ऐसे ही योगासनों के बारे में जो बदन दर्द और अकड़न जैसी परेशानियों से आराम दिलाते हैं। ( Yoga poses that gives relief from Back Pain in winters in Hindi)

सर्दियों में अकड़न और पीठ दर्द से राहत के लिए योग आसन

भुजंगासन (Bhujanagasana or Cobra Pose)

सर्दियों में सोकर उठने के बाद गर्दन, कंधों और पीठ के दर्द (back pain) से परेशान लोगों के लोगों के लिए भुंजगासन का अभ्यास फायदेमंद माना जाता है। भुजंगासन के अभ्यास से पीठ में होने वाले तेज दर्द से आराम मिलता है। भुजंगासन (bhujangasana) का अभ्यास करते समय शरीर की मुद्रा सांप की तरह होती है और इससे पेट, पीठ, गर्दन और हाथों पर प्रभाव पड़ता है।

पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana or seated forwad bend yoga pose)

यह एक ऐसा योगासन है जो कई समस्याओं से आराम दिलाता (benefits of Paschimottanasana) है और बहुत से लोग इस योग आसन का अभ्यास करना पसंद करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि सर्दियों में पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करने से लोगों को बदन दर्द और शरीर की अकड़न से आराम मिलता है इसके अलावा पश्चिमोत्तानासन के अभ्यास से आर्म्स और कमर के मसल्स (muscles of lower back) मजबूत बनते हैं।

ऐसे करें भुजंगासन का अभ्यास (How to practice bhujangansana)

  • जमीन पर चादर बिछाकर पेट के बल लेट जाएं।
  • उसके बाद अपने दोनों हाथों को सीधा करें और हाथों को अपने कंधे की सीध में लाएं।
  • अपनी हथेलियों को जमीन पर रखें।
  • अब धीरे-धीरे सांस अंदर खींचे और हथेलियों को जमीन पर मजबूती से टिकाएं।
  • धीरे-धीरे अपने शरीर ऊपरी हिस्से (कंधे, पेट) को ऊपर की तरफ उठाएं।
  • अब आपकी हथेलियों के सहारे शरीर को ऊपर की तरह जितना हो सके उतना ऊपर ले जाएं।
  • सिर को पीछे ले जाएं और जितनी देर हो सके इस मुद्रा में बने रहें।

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